कृपया आवेदन-पत्र भरते समय भारतीय भाषा में साफ-साफ अक्षरों में अवश्य लिखें ।
प्रत्येक धर्माधिकारी धम्म के विकास हेतु प्रदेश, मण्डल, जिला, ब्लॉक, क्षेत्रीय व ग्रामीण तथा उपयुक्त पदों को अपनी योग्यता व सामर्थ्य के अनुसार चुनाव करके ही भरें।
नोट : ट्रस्ट के जो भी धर्म सम्बन्धित नियम होंगे उनका पालन करना होगा ।
प्रतिज्ञा (शपथ) पत्र
नोट- किसी भी धम्माधिकारी को प्रशिक्षण लेने से पहले यह प्रतिज्ञा पत्र भरना अनिवार्य है ।
प्रतिज्ञा:-
(1) मैं शाकाहारी एवं सदाचारी जीवन व्यतीत करूँगा, मैं ऐसी प्रतिज्ञा करता हूँ ।
(2) मैं किसी भी प्रकार की नशीली वस्तुओं एवं मादक पदार्थों का सेवन नहीं करूँगा, मैं ऐसी प्रतिज्ञा करता हूँ ।
(3) मैं झूठ बोलना, ठगना, झगड़ा या चुगली करना, निन्दा निरर्थक बातें करना, कठोर कड़वी अपशब्द बातें करना इन सबसे विरत रहते हुए, मधुर मैत्री युक्त वाणी का प्रयोग करूँगा, मैं ऐसी प्रतिज्ञा करता हूँ ।
(4) मैं मन वचन एवं कर्म से मिथ्याचार एवं कामाचार से विरत रहते हुए अपने मधुर व्यवहार से मानव मात्र का विश्वास पात्र बनूँगा, मैं ऐसी प्रतिज्ञा करता हूँ ।
(5) मैं किसी का सामान बिना पूछे नहीं उठाऊँगा तथा अपने सम्यक् आजीविका से परिवार का भरण-पोषण करते हुए अपने मान मर्यादा का ध्यान रखते हुए लोगों के अन्दर धर्म जागे, मंगल कामना करता रहूँगा मैं ऐसी प्रतिज्ञा करता हूँ ।
(6) मैं मिशन (ट्रस्ट) के नियमों का पालन मन, वचन एवं कर्म से करता रहूँगा मैं ऐसी प्रतिज्ञा करता हूँ ।
मैं, पुत्र स्मृतिशेष/आदरणीय ग्राम पोस्ट ब्लाक जिला का निवासी हूँ मैं लिखित रूप से घोषणा करता हूँ कि इस प्रतिज्ञा पत्र में लिखित सभी सीलों का पालन मन, वचन एवं कर्म से भली-भाँति पालन करता रहूँगा। मैं लिखित रूप से ऐसा घोषणा करता हूँ।
आवेदक का हस्ताक्षर ............................
यदि सील का पालन करने में अक्षम (असमर्थ) पाये जाने पर तथा प्रमाणित होने पर गरिमामयी पद से स्वयं निष्कासित होकर एक साधारण सदस्य के रूप में आजीवन बने रहेंगे। पहचान-पत्र दिखाने पर ट्रस्ट की जो सुविधायें रहेंगी, वह सदैव मिलती रहेगी।
धन्यवाद